सीधा उत्तर
हाँ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'डिमागी नक्सल' टिप्पणी के बाद बनाई गई कथित व्यंग्यात्मक इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल "डिमागी नक्सल पार्टी" के रूप में सामने आई और रिपोर्टों के अनुसार इसके फॉलोअर्स तेजी से बढ़कर 2 लाख से ऊपर चले गए, जिससे बड़े पैमाने पर मीम और ऑनलाइन बहस उभरी।
संदर्भ: यह शब्द कहाँ से आया
- "डिमागी नक्सल" शब्द प्रधानमंत्री की उन टिप्पणियों में प्रचलित हुआ। इसी कथित उद्धरण ने सोशल मीडिया पर पेज के बनने और वायरल होने की चर्चा को प्रेरित किया। (नीचे दिये गए दावों और स्रोतों को देखें।)
इंस्टाग्राम पेज और तेजी से वृद्धि
- इस नाम से बनी एक इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल टिप्पणी के तुरंत बाद सक्रिय हुई और रिपोर्टों के अनुसार उसके फॉलोअर्स की तादाद तेज़ी से बढ़ी — 2 लाख से ऊपर बताई गई। कुछ उपयोगकर्ताओं ने इस पेज को व्यंग्यात्मक बताया।
- सोशल पोस्टों ने फॉलोअर काउंट में अचानक बढ़ोतरी और पेज से जुड़ी कई पोस्ट और मीम्स को उजागर किया।
सार्वजनिक प्रतिक्रिया: मीम और बहस
- पेज ने मीम्स, पैरोडी और आलोचनात्मक पोस्टों की लहर शुरू की। प्रतिक्रिया में हास्यपूर्ण अपनाना भी शामिल था और राजनीतिक भाषण पर टिप्पणी भी।
- कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक भाषा के त्वरित ऑनलाइन पुन: उपयोग का उदाहरण बताया, जबकि दूसरों ने इसे ध्रुवीकृत ऑनलाइन बहस का संकेत माना।
जो ध्यान देने योग्य है
- घटनाओं का क्रम — टिप्पणी के बाद व्यंग्यात्मक पेज का निर्माण और बाद में तेज़ वृद्धि — कई रिपोर्टों में मिलकर आता है, लेकिन सटीक फॉलोअर संख्या और पेज के उद्देश्य की स्वतंत्र पुष्टियाँ सार्वजनिक स्रोतों में सीमित हैं।
- सोशल प्लेटफ़ॉर्म पर रिपोर्ट किए गए आँकड़े शीघ्र बदल सकते हैं; इसलिए पाठक वास्तविक समय की पुष्टि के लिए प्लेटफ़ॉर्म के आँकड़ों को देखें।
